हर रोज
शाम को सूर्य तो अस्त हो जाता है ,
किंतु इस जगत का अभियान
रहता है जारी
रात भर
लड़ेने के लिए अंधेरों से ....
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प्रभुदयाल खट्टर copyright -2007
हर रोज शाम को सूर्य तो अस्त हो जाता है , किंतु इस जगत का अभियान रहता है जारी रात भर लड़ेने के लिए अंधेरों से .... --- प्रभुदयाल खट्टर...
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